नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- Delhi News: बाढ़ का पानी जैसे-जैसे नीचे की हर चीज को अपने आगोश में लेता जा रहा था, शिव गिरी और छह अन्य लोगों के पास अपनी जान बचाने के लिए ऊपर की ओर चढ़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। मेलुंग जलविद्युत परियोजना से ऊंचाई वाले इलाके की ओर भागते समय उन्होंने अपनी आंखों के सामने घरों, बस्तियों और कई ढांचों को बाढ़ में बहते देखा। जिंदगी बचाने की इस जद्दोजहद में वे लगातार पहाड़ी की ओर बढ़ते रहे। गिरी ने बताया कि उनके कई साथी मजदूर और उनका चचेरा भाई भी बाढ़ के तेज बहाव में बह गए। तिमुरे और धुन्चे कस्बों तक जाने वाले सामान्य रास्ते बंद हो जाने के बाद इस समूह ने करीब 12 घंटे तक जंगल के रास्ते पैदल यात्रा की। इसके बाद उन्हें एक गुफा मिली, जहां उन्होंने रात बिताई। यह भी पढ़ें- पहाड़ में ब्लास्ट कर भेजी जा रही ऑक्सीजन.. नेपाल मे...