नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- Delhi News: दिल्ली हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि वह वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी को सुप्रीम कोर्ट में मामले में पेश होने के लिए 78,65,000 व उस पर 9% सालाना ब्याज का भुगतान करे। हाईकोर्ट ने राज्य के इस दावे खारिज किया कि वरिष्ठ अधिवक्ता असल में सिर्फ दो बार पेश हुए। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाम मनोहरलाल व अन्य (2020) मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के आदेश का हवाला दिया। पीठ ने कहा कि इसलिए कार्यवाही के रिकॉर्ड में दिख रही पेशी से इसमें कोई शक नहीं रह जाता कि याचिकाकर्ता मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए। इस रिकॉर्ड के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में पेशी दर्ज करना कोई अनौपचारिक या सामान्य काम नहीं है। पीठ ने कहा कि एक वरिष्ठ अधिवक्त...