नई दिल्ली, अक्टूबर 14 -- Delhi News: नई दिल्ली। राजधानी की सड़कों पर यातायात नियंत्रित कर रहे एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की जिंदगी को तेज रफ्तार और लापरवाही ने हमेशा के लिए अंधकार में धकेल दिया। साकेत स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) की पीठासीन अधिकारी अदिति गर्ग ने एक फैसले में दुर्घटना का शिकार होकर सौ फीसदी दिव्यांग हुए सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल राज सिंह को 1.11 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। वाहन की बीमा कंपनी कोटक जनरल इंश्योरेंस कंपनी को मुकदमे की तारीख से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजा देना होगा। एमएसीटी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन या सेवानिवृत्ति लाभों को दुर्घटना के मुआवजे से काटा नहीं जा सकता। अदालत ने कहा कि पेंशन व्यक्ति को उसकी नौकरी के दौरान की गई सेवा के बदले मिलत...