नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- Delhi News: आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के एक संगठन द्वारा कई मांगों को लेकर बुलाए गए 72 घंटे के ब्लॉकडे (नाकेबंदी) के दूसरे दिन शनिवार को त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ। संगठन की मांगों में 2024 में हुए शांति समझौते को लागू करना भी शामिल है, जिसके तहत उन्होंने मुख्यमंत्री माणिक साहा के सामने हथियार डाले थे। विपक्षी दलों ने राज्य की भाजपा सरकार से आग्रह किया कि वह विरोध खत्म करने के लिए आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों से बातचीत करे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से राज्य के आम लोगों को परेशानी हो रही है。

प्रदर्शन की स्थिति 'ऑल रिटर्नइज रिहैबिलिटेशन कमिटी' के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम त्रिपुरा जिले में हताईकोटर, ब्रिगुडासबारी और खोवाई चौमुहानी में सड़कें जाम कर दीं। उन्होंने...