नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- Delhi News: नई दिल्ली, का.सं। छतरपुर एक्सटेंशन में वर्ष 2016 में विवाहिता की मौत के मामले में साकेत जिला अदालत ने उसके पति और सास को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि विवाहिता को मौत से पहले दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरविंदर सिंह जग्गी की अदालत ने तरुण शाक्यवार और उसकी मां निर्मला शाक्यवार को बरी कर दिया। दोनों पर दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत आरोप थे। अभियोजन के अनुसार, भारती शर्मा की शादी तरुण से 24 फरवरी 2016 को हुई थी। उसी साल 20 सितंबर को वह छतरपुर एक्सटेंशन स्थित ससुराल में पंखे से लटकी मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से दम घुटना बताया गया था। भारती के पिता ने आरोप लगाया था कि दहेज की मांग, कर्ज चुकाने और गह...