नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- Delhi News: पश्चिम बंगाल उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस में फूट के बीच चुनाव आयोग का फैसला ममता बनर्जी को बड़ा झटका माना जा रहा। वर्ष 1998 में कांग्रेस से अलग होकर खुद की पार्टी बनाने वाली ममता बनर्जी के लिए यह उनकी राजनीतिक पहचान को लेकर बड़ा झटका माना जा रहा। आयोग के फैसले के बाद ममता बनर्जी द्वारा हाथ से बनाए गए पार्टी के चुनाव चिह्न को फिलहाल ईवीएम से हटा दिया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद के रेजीनगर सीट पर छह अक्तूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। वोटों की गिनती नौ अक्तूबर को होगी। आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। आयोग की ओर से जो दल का नाम और चुनाव चिह्न दिया गया है उसी के अनुसार मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाए...