नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- हत्या के प्रयास मामले में अदालत का फैसला Delhi News: नई दिल्ली। द्वारका जिला अदालत ने एक फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि हत्या के प्रयास मामले में सिर्फ चोटों को देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमले में इस्तेमाल हथियार, शरीर के चोटिल हिस्से और आरोपी की मंशा को देखना भी महत्वपूर्ण है। युवक की गर्दन समेत शरीर के अहम अंगों पर ब्लेड से कई वार करना आरोपी की हत्या की मंशा को दर्शाता है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज गुप्ता की कोर्ट ने आरोपी पवन को आईपीसी की धारा 307 और धारा 323 के तहत दोषी ठहराते हुए सात वर्ष की कठोर कैद और 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला पांच मार्च 2024 की रात द्वारका साउथ थानाक्षेत्र का है। राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक वीके स्वामी ने कोर्ट को बताया कि कपिल चौधरी अपनी डेयरी ...