नई दिल्ली, जुलाई 4 -- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रोज ढाई लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। पिछले माह सराय काले खां से यूपी गेट के बीच के हिस्से पर सड़क की पुरानी परत हटाकर नई सड़क बनाने का काम किया गया था। यह निर्माण कार्य पूरा हुए 20 दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन अब तक एक्सप्रेसवे पर लेन मार्किंग नहीं की गई है। लेन मार्किंग न होने के कारण वाहन चालकों को यह पता नहीं चल पाता कि वे अपनी निर्धारित लेन में चल रहे हैं या उससे बाहर जा चुके हैं। खासकर रात के समय या तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि मार्किंग ही चालकों को लेन अनुशासन बनाए रखने में मदद करती है। रात के वक्त रोड के किनारे का अंदाजा भी चालकों को नहीं होता। रोड रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। यह भी पढ़ें- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे-गंगा एक्सप...