देहरादून, अगस्त 17 -- Dehradun News: देहरादून। राजधानी से महज 10 किलोमीटर दूर मेहरकोट गांव आजादी के 80 साल बाद भी पक्की सड़क का इंतजार कर रहा है। गांव को जोड़ने वाली करीब 200 मीटर की खतरनाक चढ़ाई वर्षों से अधूरी है। बरसात में मलबा और भूस्खलन से रास्ता बंद हो जाता है। जिला कांग्रेस कमेटी पछवादून की प्रवक्ता गीता बिष्ट ने कहा कि सड़क के अभाव में एंबुलेंस, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। गांव का सरकारी स्कूल भी वर्षों पहले बंद हो चुका है। सुविधाओं के अभाव में लगातार पलायन से गांव में गिने-चुने परिवार ही रह गए हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की अनुमति के पेंच में सड़क अटकी है। जल्द वन विभाग मुख्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी दी।

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