देहरादून, अक्टूबर 19 -- Dehradun News: देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की ओर से विश्व एनाटॉमी दिवस पर गुरुवार को प्रथम वर्ष के एमबीबीएस विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने देहदान, चिकित्सा शिक्षा में आधुनिक तकनीक और कैडेवरिक शिक्षण के महत्व पर विचार रखे। कॉलेज की डीन एवं प्राचार्या प्रो. डॉ. गीता जैन ने कहा कि एनाटॉमी चिकित्सा विज्ञान की आधारशिला है। देहदाता चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए 'मूक शिक्षक' की भूमिका निभाते हैं। उनका योगदान भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की वास्तविक संरचना समझने में मदद करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक ज्ञान के साथ करुणा, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा समाज में देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। प्रतियोगिता में वर्च...