देहरादून, अगस्त 4 -- Dehradun News: देहरादून। वरिष्ठ संवाददाता पटेलनगर स्थित श्री श्याम सुंदर मंदिर में चल रही शिव पुराण कथा में मंगलवार को कथा व्यास वृंदा प्रसाद शास्त्री ने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई भक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा तीर्थ है और जो उनका सम्मान करता है, वह ईश्वर की कृपा का पात्र बनता है।

कथा का सार उन्होंने कहा कि भगवान गणपति ने अपने माता-पिता की परिक्रमा कर यह संदेश दिया कि माता-पिता भगवान के समान हैं। जो लोग अपने माता-पिता को दुख पहुंचाते हैं, वे कभी सुखी नहीं रह सकते।कथा व्यास ने कहा कि धर्म के मार्ग पर चलकर जीवन जीने वाले व्यक्ति को मोक्ष स्वतः प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में दुख से अधिक सुख होते हैं, लेकिन उसका मन दुखों में उलझा रहता है। यदि व्यक्ति सकारात्...