देहरादून, अगस्त 31 -- Dehradun News: देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन में सोमवार को हुए धार्मिक आध्यात्मिक कार्यक्रम में आर्यिका रत्न पूर्णमति माता ने कहा कि आचार्यों का भी कहना है कि जिसकी भोजन शुद्धि होती है, उसकी भजन शुद्धि भी होती है। भोजन का प्रभाव शरीर के साथ व्यक्ति के विचार, व्यवहार और आध्यात्मिक जीवन पर भी पड़ता है। उन्होंने भादो माह में खान-पान में संयम बरतने और पत्तियों वाली हरी सब्जियों का सेवन सीमित रखने की प्रेरणा दी।माता ने चातुर्मास के दौरान रात्रि भोजन त्याग का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संयमित भोजन स्वास्थ्य और धर्म दोनों दृष्टियों से लाभकारी है। यदि व्यक्ति एक समय के भोजन से कार्य चला सकता है तो अनावश्यक रूप से बार-बार भोजन करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन क...