देहरादून, अगस्त 9 -- Dehradun News: गंभीर बीमारी से जूझ रहे झारखंड निवासी 17 वर्षीय अभिजीत की जान बचाने में दून अस्पताल के डॉक्टरों और समाजसेवी मोहन खत्री की पहल ने अहम भूमिका निभाई है। प्लेटलेट्स गिरने से गंभीर हालत में पहुंचे अभिजीत का परिवार आर्थिक तंगी के कारण कई अस्पतालों में भटकने को मजबूर था। पिता देवनाथ एक होटल कर्मचारी हैं, जिनके लिए बेटे का महंगा इलाज कराना लगभग असंभव था। स्थानीय लोगों के बीच मामा के नाम से मशहूर समाजसेवी मोहन खत्री फरिश्ता बनकर सामने आए। उन्होंने नेबा केयर फाउंडेशन के जरिए करीब 40 हजार रुपये की जीवनरक्षक दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराईं। दून अस्पताल के डॉ. अशोक और उनकी टीम के प्रयासों से 30 दिन आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद अब अभिजीत जनरल वार्ड में शिफ्ट हो गया है। यह भी पढ़ें- टीबी के मरीजों को नहीं म...