देहरादून, सितम्बर 18 -- Dehradun News: देहरादून। मौत कितनी भी करीब क्यों न हो, अगर डॉक्टरों की मेहनत और तीमारदारों की सेवा सच्ची हो तो चमत्कार हो ही जाते हैं। रुड़की की रहने वाली 18 वर्षीय जारा ने मौत को मात देकर कुछ ऐसा ही चमत्कार किया है। न्यूरोलेप्टिक मैलिग्नेंट सिंड्रोम (एनएमएस) जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए जारा को दो महीने तक वेंटिलेटर पर रहना पड़ा, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ की दिन-रात की मेहनत से वह अब जिंदगी की जंग जीत चुकी है। ठीक होने के बाद घर से अस्पताल में विशेष रूप से स्टॉफ से मिलने आई जारा ने सबको धन्यवाद किया और स्टॉफ ने उसे उन गंभीर मरीजों से मिलवाया जो उसकी तरह जिंदगी की जंग लड़ रहे है और उन्हें प्रोत्साहित किया। अस्पताल के एमआईसीयू फर्स्ट में भर्ती जारा की हालत बेहद नाजुक थी। बीमारी के दौरान वह सेप्सिस, सेप्टिक शॉक और रेस्...