देहरादून, अक्टूबर 19 -- Dehradun News: देहरादून। दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी की ओर से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य, नवाचार और करियर संभावनाओं पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि एआई के दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ मौलिक चिंतन और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना जरूरी है। मुख्य वक्ता इंडियन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक निदेशक एवं सीईओ प्रो. अमित सेठ ने कहा कि भारत को तकनीकी उत्पादों और नवाचार का केंद्र बनाने में युवाओं की भूमिका अहम है। विद्यार्थियों को अनुभवी मार्गदर्शकों से सीखने, अनुसंधान करने और स्वदेशी तकनीकी उत्पाद विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पर्यावरण समेत कई क्षेत्रों में करियर की संभावना...