देहरादून, अगस्त 3 -- Dehradun News: बड़कोट। एक ओर बरसात में उफनता कुपड़ा खड्ड, तो दूसरी ओर पहाड़ी से गिरते पत्थरों और मलबे का खतरा। इन दोहरी चुनौतियों के बीच नौगांव ब्लॉक के तीन गांवों के करीब 25 स्कूली बच्चे रोज अपनी जान हथेली पर रखकर शिक्षा हासिल करने निकलते हैं। पिछले साल आपदा में क्षतिग्रस्त पुल का अब तक पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है, जबकि अधूरा पड़ा बेली ब्रिज भी बच्चों की राह आसान नहीं बना सका है। नौगांव ब्लॉक की गीठ पट्टी क्षेत्र के कुपड़ा, कुनसाला और त्रिखली गांव के स्कूली बच्चों के लिए बरसात का मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं है। कुपड़ा गांव के बच्चों को हाईस्कूल तथा कुनसाला और त्रिखली के बच्चों को जूनियर एवं हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए रोजाना उफनते कुपड़ा खड्ड (घट गाड़) को पार कर स्यानाचट्टी जाना पड़ता है। यहां तेज बहाव वाले खड्ड के साथ...