नई दिल्ली, सितम्बर 10 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रॉपर्टी को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने की नीति को अंतिम रूप देने में दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA), हाउसिंग और अर्बन अफेयर्स मिनिस्ट्री (MoHUA) और लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) की प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि बहुत सारे लोगों को अपनी प्रॉपर्टी के कन्वर्जन के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं कराया जा सकता। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और विकास महाजन की डिवीजन बेंच ने कहा कि वह पिछले आदेश के बाद हुई प्रगति से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है। बेंच ने यह भी कहा कि अथॉरिटीज के बीच हुई मीटिंग के मिनट्स से पता चलता है कि डॉक्यूमेंटेशन या कन्वर्जन चार्ज, किसी भी पॉलिसी पर कोई स्पष्टता नहीं थी। कोर्ट ने MoHUA, DDA और L&DO को अगली सुनवाई से कम से कम तीन दिन पहले अपनी फाइनल पॉलिसी रिकॉर्ड पर...