रांची, मई 3 -- झारखंड हाईकोर्ट ने जमीन विवादों में प्रशासनिक हस्तक्षेप की सीमा तय करते हुए निजी जमीन की अंचल स्तर के अधिकारी की मापी और किसी प्रकार के सीमांकन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि निजी भूमि विवाद के मामलों में अंचल (सर्किल) स्तर के अधिकारी किसी भी प्रकार का सीमांकन (डिमार्केशन) नहीं करेंगे। ऐसे मामलों का निपटारा केवल सक्षम सिविल कोर्ट के माध्यम से ही किया जाएगा। आइए जानते हैं इस मामले पर कोर्ट ने क्या कहा है।6 सप्ताह बाद होगी सुनवाई जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शपथ पत्र दाखिल कर यह बताएं कि वे किस कानून के तहत और किस अधिकार से निजी भूमि का सीमांकन कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जमीन की मापी और सीम...