नई दिल्ली।, नवम्बर 19 -- Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट में 16 मई के एक आदेश के पुनरावलोकन को लेकर फिर तल्ख बहस हुई। विवाद की शुरुआत 16 मई को जस्टिस ए. एस. ओका और जस्टिस उज्जवल भुइयां द्वारा दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हुई। इस फैसले में पोस्ट-फैक्टो एनवायरनमेंट क्लियरेंस प्राप्त सभी ढांचों को गिराने का निर्देश दिया गया था। CJI बीआर गवई ने बाद में इस फैसले को वापस लेने का फैसला किया, जिस पर जस्टिस भुइयां ने कड़ा असंतोष व्यक्त किया। 16 मई को जिस पीठ ने फैसला दिया था उसमें जस्टिस भुइयां भी शामिल थे। उन्होंने सीजेआई गवई के निर्णय का बचाव करने के लिए 97 पन्नों का एक असहमतिपूर्ण फैसला लिखा। उन्होंने सीजेआई के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह पर्यावरण न्यायशास्त्र की अनदेखी है। उन्होंने कहा कि CJI का फैसला "पर्यावरण न्यायशास्त्र के बहु...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.