नई दिल्ली, नवम्बर 22 -- प्रधान न्यायाधीश (CJI) के रूप में न्यायमूर्ति बीआर गवई के लगभग छह महीने के कार्यकाल के दौरान देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के 10 न्यायाधीशों, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और पिछड़ा वर्ग के 11 जजों की नियुक्ति की गई। न्यायमूर्ति गवई देश के पहले बौद्ध और दूसरे दलित प्रधान न्यायाधीश हैं। उन्होंने उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम का नेतृत्व किया, जिसने विभिन्न उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए सरकार को 129 नामों की सिफारिश की, जिनमें से 93 नामों को मंजूरी दी गई। न्यायमूर्ति गवई के कार्यकाल के दौरान पांच न्यायाधीशों-न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया, न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई, न्यायमूर्ति एएस चंदुरकर, न्यायमूर्ति आलोक अराधे और न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली की भी शीर्ष अदालत में ...