चित्रकूट, जुलाई 15 -- Chitrakoot News: चित्रकूट। मुख्यालय कर्वी स्थित विशिष्ट मंडी निर्माण के दौरान बरती गई अनियमितता के मुख्य सूत्रधार बर्खास्त जेई रामेन्द्र सिंह पर जल्द ही शिकंजा कस सकता है। विभागीय जांच के दौरान घपले में जेई की अहम भूमिका मिली थी। निलंबन के बाद बर्खास्त हो चुके जेई की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वह मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहा है। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने दो दिन पहले ही मंडी निर्माण में आठ करोड़ के मिले गबन के मामले में तत्कालीन उपनिदेशक अशोक कुमार व सहायक लेखाधिकारी सतीश यादव को गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद घपले में भूमिका निभाने वाले अन्य विभागीय लोगों की धड़कनें तेज हो गई है। यह भी पढ़ें- मंडी परिषद के अधिकारियों ने ओवरेटिंग कर किया था बड़ा खेल उनको खुद की गिरफ्तारी की च...