चित्रकूट, अक्टूबर 5 -- Chitrakoot News: चित्रकूट, संवाददाता। पिछले महीने मंदाकिनी में आए जलप्रलय के बाद नदी किनारे चल रही प्लाटिंग पर शिकंजा कसने के लिए एमपी प्रशासन ने चार गांवों की 52 जमीनों को चिन्हित किया है। इन जमीनों की खरीद-फरोख्त पर एमपी प्रशासन ने रोक लगा दी है। सख्त हिदायत दी गई है कि बिना अनुमति चिन्हित भूखंडों की विक्री नहीं होगी। बीते 29 अगस्त को मंदाकिनी में आए जलप्रलय के दौरान धर्मनगरी चित्रकूट का ज्यादातर हिस्सा जलमग्न हो गया था। नदी किनारे बने दो से तीन मंजिला मकान डूब गए थे। धर्मनगरी के एमपी इलाके में स्थिति सर्वाधिक भयावह हो गई थी। उस दौरान एमपी प्रशासन को जलमग्न मकानों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना की मदद लेनी पड़ी थी। बाढ़ क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे एमपी के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने नदी किनारे अतिक्रमण को इस...