नई दिल्ली, जुलाई 27 -- 25 जुलाई 2026 से शुरू चातुर्मास 21 नवंबर तक चलेगा। देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक का यह पवित्र काल भगवान विष्णु की योगनिद्रा का समय माना जाता है। इन चार महीनों में विवाह और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य टाल दिए जाते हैं। जप, तप, दान और भक्ति करने से विशेष पुण्य मिलता है। राशि अनुसार सरल उपाय अपनाने से घर में सुख-समृद्धि आती है।चातुर्मास का आध्यात्मिक महत्व इस अवधि को आध्यात्मिक उन्नति का काल माना जाता है। छोटे-छोटे नियम और उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार अपनी राशि के अनुसार उपाय करने से मानसिक शांति और समृद्धि मिलती है। सात्विक जीवन अपनाएं और नियमित भक्ति करें। इससे कष्ट कम होते हैं और घर का माहौल खुशनुमा रहता है।मेष राशि के लिए उपाय मेष राशि वाले हर मंगलवार को मसूर दाल या लाल वस्त्...