चतरा, जुलाई 17 -- Chatra News: टंडवा, निज प्रतिनिधि। सीसीएल और एनटीपीसी को कोयला उत्पादन की बढ़ती भुख ने टंडवा केरेडारी के ढाई लाख आबादी को नारकीय जीवन जीने को मजबूर कर दिया है। एनटीपीसी जहां दो कोल परियोजना से लगभग 40 हजार टन हर रोज कोयले की उत्पादन कर रही है वहीं सीसीएल आम्रपाली चंद्रगुप्त और मगध से लगभग 1.30 लाख टन कोयले की उत्पादन कर रहघ है। इतना ही अनुपात में कोयले की बिक्री भी हो रही है।इससे गांव में शुद्ध पानी और प्रदूषण उत्पादन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। आम्रपाली में कुमडाग खूर्द में कोयले की उत्पादन हो रही है पर उस गांव में रह रहे एक हजार ग्रामीण कोयले की उड़ती काली धूल हर आंगन परेशान है।アウトसोर्सिंग कंपनी एनसीसी कोयले की धूआंधार उत्पादन कर सीसीएल के बाबुओं को खुश तो कर रही है पर पानी पीने के लिए तरसा रहा है तो प्रदुषण के जरिये बीमार...