चतरा, अगस्त 27 -- Chatra News: बेटी माना ने दी पिता को मुखाग्नि, निभाया बेटे का फर्ज इटखोरी, प्रतिनिधि। हिन्दूधर्म में पौराणिक मान्यता है कि बाप की चिता को मुखाग्नि बेटा ही देता है, जिसके बेटे नहीं होते उनकी चिता को भतीजा या फिर कोई करीबी ही मुखाग्नि देता है, लेकिन माना देवी अपने पिता के साथ ही रहकर उनकी सेवा करती थी, माना देवी ने अपने पिता की मौत के बाद उन्हें इस बात का मलाल होने नहीं दिया कि उनका कोई बेटा नहीं है।

समाज में एक मिसाल इटखोरी प्रखंड के पितीज गांव में पिता 80 वर्षीय समाजसेवी फागू दांगी की मौत के बाद बेटी माना देवी ने पिता का अंतिम संस्कार कर पुत्र का फर्ज निभाकर समाज में एक मिसाल पेश की है। फागू दांगी के एक और पुत्री है जिनका ससुराल इटखोरी जिसका नाम चिंता देवी है। माना देवी ऐसी अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत हो सकती है , ...