चतरा, जुलाई 11 -- Chatra News: टंडवा निज प्रतिनिधि सीसीएल और एनटीपीसी के कोयला और ऐशपौंड की ढूलाई से टंडवा, सिमरिया, केरेडारी और पिपरवार के सिंगल काली सड़कों पर बेतहाशा बोझ से उसकी सूरत भयावह हो गयी है। कहीं सड़कों में गड्ढे हैं तो कहीं गड्ढों में सड़क है। दूसरी ओर राज्य सरकार की सड़कों पर बोझ तो बढ़ी पर सड़कों की चौड़ाई नहीं बढ़ी। लगभग ढाई हजार भारी वाहनों से सिंगल रोड से कोयले की ढुलाई होना लापारवाही का उदाहरण है।एक दशक पूर्व जिन सड़कों पर यात्री वाहन और कभी कभी भारी वाहन गुजरते थे आज 2500 से अधिक सिर्फ भारी वाहनों से कोयले और ऐशपौंड की ढूलाई हो रही है। वह भी 16 चक्का से लेकर 18 चक्का के वाहन शामिल हैं हर हाइवा पर 32 से 40 टन कोयले की डिस्पैच हो रही है। यही वजह है कि आज चतरा जिले के सड़कों पर हर दो दिन में एक आंगन से एक अर्थी उठ रही है। ग्रामीणों...