छपरा, अगस्त 12 -- Chapra News: फोटो-13 : सदर प्रखंड के फकुली उच्च विद्यालय परिसर में पौधरोपण अभियान के तहत पौधे लगातीं डीआरडीए की निदेशक सुमिता कुमारी व अन्य (फाइल फोटो) पेज चार की लीड संवाद छपरा, नगर प्रतिनिधि। कभी घने जंगलों और हिरणों के झुंड के लिए पहचानी जाने वाली सारण की धरती आज बढ़ती आबादी, घटते प्राकृतिक आवरण और बदलती जीवनशैली के बीच हरियाली बचाने की चुनौती से जूझ रही है। हर साल मानसून आते ही सरकारी विभागों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों की ओर से बड़े पैमाने पर पौधे लगाने का दावा किया जाता है लेकिन सवाल यह है कि इन अभियानों के बाद कितनी हरियाली धरातल पर बची। सारण को लेकर मान्यता है कि हिरण यानी सारंग और वन यानी अरण्य से इसका पुराना नाम 'सारंग अरण्य' पड़ा, जो कालांतर में सारण कहलाया। ऐसे में जिले में लगातार चल रहे पौधरोपण अभियानों का ...