छपरा, सितम्बर 4 -- Chapra News: सारण में धान, मक्का और सब्जियों की फसल बर्बाद होने की चिंता लागत डूबने से किसानों के सामने नई परेशानी नोट:यह फसल और किसानों पर अलग है छपरा, हिन्दुस्तान संवाददाता। पहले बारिश नहीं हुई तो किसान परेशान हुए। धान की खेती बचाने के लिए खेतों में पानी का पटवन किया, बीज डाले, बिचड़ा तैयार किया और फिर पानी लगाकर रोपनी की। खाद और दवा पर खर्च किया। मक्का लगाने वाले किसानों ने भी खेत तैयार करने से लेकर बीज और खाद पर पैसा लगाया। अब जब फसल खेतों में खड़ी हुई तो बाढ़ का पानी पहुंच गया। कहीं धान डूब गया तो कहीं मक्का पानी में समा गया। सब्जियों की फसल भी तैयार होकर बाजार जाने के करीब थी, लेकिन बाढ़ के पानी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फसल को डूबते देखकर किसानों को अब लागत वापस आने की भी चिंता सताने...