नई दिल्ली, फरवरी 27 -- 3 मार्च 2026 के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस ग्रहण का खास महत्व होगा, क्योंकि जिस दिन ग्रहण लग रहा है, उस दिन होलिका दहन यानी फाल्गुन पूर्णिमा भी है। ऐसे में इस ग्रहण का साया रंगों के पर्व होली पर भी रहेगा। यह भारत में दिखाई देगा। इस वजह से सूतक काल मान्य होगा। ज्योतिष के मुताबिक ग्रहण काल का समय बेहद अशुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों की मानें, तो ग्रहण के दौरान मानसिक बेचैनी, निर्णयों में भ्रम और भावनात्मक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जबिक वैज्ञानिक दृष्टि से मानें, तो चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जो तब घटती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। ग्रहण को लेकर ज्योतिष दृष्टिकोण को मानने वाले, इस बात को लेकर अक्सर परेशान रहते हैं...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.