चंदौली, अगस्त 4 -- Chandauli News: पड़ाव, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के द्वितीय दिवस पर सोमवार को कथा वाचक अखिलानंद जी ने शिव भक्ति का महत्व बताया। कहा कि परम साध्य भगवान शिव के पद की प्राप्ति है और शिव शंकर की सेवा ही परम साधन है। जो व्यक्ति नित्य-नैमित्तिक फलों की कामना से रहित होकर शिव को समर्पित हो जाता है, वही सच्चा साधक है। वेदोक्त कर्म कर उसके फल को शिव चरणों में अर्पित करने वाला सालोक्य मुक्ति को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि भक्ति के तीन महान साधन हैं - कानों से शिव कथा का श्रवण, वाणी से शिव का कीर्तन और मन से महादेव का मनन। यह भी पढ़ें- Chandauli News: कलयुग में शिव महापुराण से बड़ा कोई सुगम साधन नहीं शिव के गुण, रूप, विलास, नाम जप, वैदिक मंत्र पाठ और स्तुति ही सच्च...