चंदौली, अक्टूबर 5 -- Chandauli News: चकिया,हिन्दुस्तान संवाद। नगर स्थित आदित्य पुस्तकालय सभागार में रविवार को चंद्रप्रभा साहित्यिक संस्था की मासिक काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी का शुभारंभ साहित्यकार जगजीवन द्वारा वाणी वंदना से किया गया। इस बार का विषय उम्मीदों की अर्थी रखा गया था, जिस पर कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवि शिवदास अनपढ़ ने कैसा था यह देश हमारा, कैसा होता जा रहा है सुनाया। कवि मनोज द्विवेदी मधुर ने जो जी भर के हमको निहारे ही होंगे प्रस्तुत किया। कवि राजेश विश्वकर्मा राजू ने भोजपुरी में जीते जी बाबू-माई के जे न भोजन दिहल, ओके दोनिया निकले कवन लाभ बा सुनाकर सामाजिक व्यंग्य किया। कवि आनंद माया मार्गदर्शक ने मीठी-मीठी रतिया में, मीठी ना हो बतिया त शक लागेला तो कवि अलियार प्रधान ने उठी जा रही है उम्मीदों की अर्थी...