चंदौली, अगस्त 2 -- Chandauli News: पीडीडीयू नगर, वरिष्ठ संवाददाता। जिले में पशु चिकित्सा व्यवस्था चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रही है। करीब चार लाख से अधिक बेजुबान पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी मात्र आठ पशु चिकित्सकों के कंधों पर है। ऐसे में समय पर उपचार और टीकाकरण की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पशुपालकों का कहना है कि चिकित्सकों की कमी के कारण उन्हें कई बार निजी डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में लगभग 1.61 लाख गोवंशी और 2.56 लाख भैंसवंशी पशु हैं। इसके अलावा हजारों की संख्या में बकरी, भेड़, सूअर, घोड़े और मुर्गी पालन भी किया जाता है। इन सभी पशुओं के उपचार के लिए जिले में 17 राजकीय पशु चिकित्सालय तथा 21 पशु सेवा केंद्र संचालित हैं। विभागीय मानकों के अनुसार जिले में 18...