नई दिल्ली, दिसम्बर 13 -- चाणक्य नीति जीवन के हर पहलू पर गहरी और व्यावहारिक शिक्षा देती है। वैवाहिक जीवन के बारे में भी चाणक्य जी के सूत्र अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि पति-पत्नी एक दूसरे के सबसे करीबी साथी होते हैं, उनके बीच कोई दीवार नहीं होनी चाहिए। अगर पति-पत्नी के बीच शर्म की दीवार खड़ी हो जाए, तो रिश्ता कमजोर पड़ जाता है। चाणक्य नीति में कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं, जिन्हें लेकर पति-पत्नी को कभी शर्म नहीं करनी चाहिए। इससे रिश्ता मजबूत होता है और जीवन सुखमय बनता है।इच्छाओं को लेकर खुलकर बात करें आचार्य चाणक्य कहते हैं कि शरीर और मन की इच्छाएं स्वाभाविक हैं, इन्हें दबाने से रिश्ते में दूरियां आती हैं। पति-पत्नी को अपनी शारीरिक जरूरतों, पसंद-नापसंद को लेकर खुलकर बात करनी चाहिए। कई बार शर्म की वजह से ये बातें दबी रह जाती...
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