चक्रधरपुर, अक्टूबर 30 -- Chakradharpur News: चक्रधरपुर संवाददाता प्रकाश का पर्व दीपावली आने में अब महज दो हफ्ते ही बचे हैं, लेकिन मौसम की बेरुखी ने पर्व की तैयारियों की चमक फीकी कर दी है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नव के प्रभाव से हो रही बेमौसम बारिश ने सबसे बड़ा संकट उन कुम्हारों के सामने खड़ा कर दिया है, जिनके बिना दीपावली की कल्पना ही नहीं की जा सकती। बारिश और नमी के कारण चाक की रफ्तार थम सी गई है, जिससे मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगरों की चिंताएं बढ़ गई हैं। चक्रधरपुर शहर के बीचों-बीच स्थित कुम्हार पट्टी में इस समय लगभग 7 से 8 परिवार रहते हैं, जो पीढ़ियों से मिट्टी के दीये, कलश, चुका और खिलौने बनाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। दीपावली के इस पीक सीजन में जहां उनके घरों में दिन-रात चाक चलते थे, वहीं इस बार बारिश ने उनकी तैयारियों पर पानी...