चाईबासा, अगस्त 3 -- Chaibasa News: चाईबासा। आदिवासी हो समाज युवा महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ईपील सामड के बयान पर पलटवार करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला सदस्य मुन्ना सुंडी ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव का परिणाम बताना पूरी तरह निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए संवैधानिक दायित्व के तहत कार्रवाई करता है। किसी भी संगठन या व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुंडी ने कहा कि झामुमो किसी भी वीर शहीद या महान विभूति के सम्मान के खिलाफ नहीं है। कोल्हान के वीर शहीदों और महापुरुषों का सम्मान हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यह भी पढ़ें- सत्ता के दबाव में लगाई जा रही शिबू सोरेन की प्रतिमा : बिरुली

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