नई दिल्ली, मार्च 28 -- पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 10 हजार से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा भर्ती परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद यह सभी कर्मचारी अनिश्चितता की स्थिति में जी रहे थे। कई कर्मचारियों द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने माना कि भर्ती प्रक्रिया रद्द करने को गलत तरीके से लागू किया गया है। ऐसे में इन सभी उम्मीदवारों को नौकरी जारी रहेगी। कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा की पीठ सीईटी भर्ती परीक्षा को लेकर फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब यह भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का पुराना निर्णय केवल "ग्रुप 56-57" पर लागू होगा, जहां विवादित नियम का प्रभाव महत्वपूर्ण पाया गया। इसके अलावा जो भी लोग इसके प्रभाव में आए ह...