नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- किसी भी फिल्म को रिलीज करने से पहले उस फिल्म को सीबीएफसी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) के पास भेजा जाता है। सीबीएफसी बोर्ड के सदस्य फिल्म को देखते हैं और उसे सर्टिफिकेट देते हैं। इतना ही नहीं, अगर फिल्म में कुछ ऐसा कंटेंट है जो लोगों को परेशान कर सकता है, किसी को आहत करता है तो सीबीएफसी उस कंटेंट को फिल्म से हटाने का आदेश दे सकती है। अब फिल्म में दिखाए जाने वाले कंटेंट को लेकर सीबीएफसी की नई गाइडलाइन्स सामने आई हैं। इन गाइडलाइन्स की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है और कुछ लोगों की सीबीएफसी पर भड़ास निकली है।फिल्मों की वजह से नहीं खराब होने चाहिए दूसरे देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण रिश्ते सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को बोर्ड का पुनर्गठन किया। इसी के साथ फिल्मों के लिए नई गाइडलाइन्स भी जारी ...