बुलंदशहर, अगस्त 2 -- Bulandsehar News: झाझर में चल रही श्रीशिव महापुराण कथा के तीसरे और अंतिम दिन वृंदावन से पधारे कथा वाचक पंडित राहुल कृष्ण ने भगवान शंकरजी व माता पार्वती जी के विवाह का वर्णन सुनाया। भगवान शंकरजी के विवाह वर्णन से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। विवाह से संबंधित भजनों पर श्रोता झूम उठे।12 ज्योतिर्लिंगों सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी-विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम व घृष्णेश्वर का महत्व बताते हुए बताया कि ये ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के निराकार प्रकाश स्तंभ के रूप में प्रकट हुए। ये ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के स्वरूप माने जाते हैं। ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से मनुष्य के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। यह भी पढ़ें- दिल्ली के पास हैं ये 5 ज्योतिर्लिंग, भोलेनाथ का खास आशीर्वा...