बुलंदशहर, जुलाई 30 -- Bulandsehar News: शहर में लगातार सामने आ रही जलभराव, खुले नाले और क्षतिग्रस्त सीवर चैंबरों की घटनाओं ने अब केवल नगर पालिका ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि मानसून से पहले अधिकारियों ने कागजी बैठकों के बजाय सड़कों पर उतरकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया होता तो कई गंभीर हालात टाले जा सकते थे। बारिश शुरू होने से पहले हर वर्ष मानसून तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठकें आयोजित होती हैं। इनमें नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था, सीवर लाइन, चैंबरों की मरम्मत और संवेदनशील स्थानों की निगरानी के निर्देश दिए जाते हैं। लेकिन इस बार भी अधिकांश तैयारियां फाइलों और बैठकों तक ही सीमित रहीं। शहर के कई इलाकों में नाले खुले रहे, सीवर चैंबर क्षतिग्रस्त रहे और पहली ही तेज बारिश मे...