नई दिल्ली, अगस्त 20 -- तमिलनाडु में अब तक हुए इंजीनियरिंग एडमिशन के आंकड़ों ने बीटेक की डिमांड पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या राज्य में इंजीनियरिंग की सीटें मांग से बहुत ज्यादा है या फिर एआई के चलते विद्यार्थी इससे मुंह फेर रहे हैं। काउंसलिंग डेटा के एनालिसिस के मुताबिक TNEA 2026 के राउंड 2 के बाद राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 106583 सीटें खाली रह गईं और अब तक कुल सीटों में से सिर्फ लगभग 41 फीसदी ही भरी सकी हैं। तीसरा राउंड अभी बाकी है इसलिए खाली सीटों का फाइनल आंकड़ा कम होगा। जहां कई प्रतिष्ठित सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में ज्यादातर सीटें भर चुकी हैं, वहीं 167 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 10 फीसदी से भी कम सीटों पर दाखिले हुए हैं। इनमें 23 कॉलेज ऐसे हैं जहां दो राउंड के बाद एक भी दाखिला नहीं हुआ।छात्र इंजीनियरिंग को रिजेक्ट...