मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 18 -- बिहार के प्रतिष्ठित एमआईटी(इंजीनयरिंग कॉलेज) के एक छात्र की बीटेक की डिग्री के फर्जी होने का संदेह है। डिग्री सत्यापन के लिए दिल्ली से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में भेजा गया है। प्रथम दृष्टया डिग्री का फार्मेट गलत पाया गया है। आशंका जताई जा रही है डिग्री को स्कैन कर बनाया गया है। डिग्री वर्ष 2010 की बताई जा रही है। डिग्री पर आशंका होने के बाद बीआरए बिहार विवि के परीक्षा विभाग ने इसकी छानबीन शुरू कर दी है। यह कॉलेज बिहार यूनिवर्सिटी अंतर्गत संचालित है। बीआरएबीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. राम कुमार का कहना है कि छात्र के डिग्री का मिलान टीआर से कराया जाएगा। मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है। इससे पहले जम्मू कश्मीर राज्य में भी बीआरए बिहार विवि की एक डिग्री फर्जी मिली थी। इस मामले म...
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