कार्यालय संवाददाता, सितम्बर 25 -- शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी (एमपीटी) और मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (एमओटी) अब सामान्य डिग्री के रूप में नहीं दी जाएगी। इन कोर्स को पूरा करने वाले विद्यार्थियों को विशेषज्ञता के साथ डिग्री दी जाएगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसके लिए अधिसूचना जारी की है। 27 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र में इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है, जिसे केन्द्र सरकार की मंजूरी के बाद जारी किया किया है। यूजीसी की सचिव ने इस संबंध में बिहार समेत देश भर के उन सभी विवि-कॉलेजों को इस आदेश का अनुपालन करने को कहा है, जहां यह कोर्स संचालित हो रहा है।एमओटी में 9 विशेषज्ञताएं एमओटी अंतर्गत नौ विशेषज्ञताएं तय की गई हैं। मस्कुलोस्केलेटल साइंसेज, पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी, न्यूरोसाइंसेज, मेंटल हेल्थ, का...