बोकारो, अक्टूबर 7 -- Bokaro News: जरीडीह प्रखंड में लगभग एक दर्जन गांवो में दुर्गापूजा होती है। प्रखंड में  बारू गांव से सबसे पहले दुर्गा पूजा शुरू हुआ है। पौराणिक कथा के अनुसार वर्ष 1857 के सिपाही विद्रोह से बारु का दुर्गा पूजा जुड़ा है। सिपाही विद्रोह के छिड़ी जंग के दौरान बारू निवासी मथुर झा, मोहित झा व लोफर झा तीनों के पिता आनंद राम अपने परिवार को लेकर गांव छोड़कर खांजो नदी के किनारे दलाई नामक घना जंगल में चले गये। जहां लोफर झा के चार वर्षीय पुत्र दुर्गा चरण झा गुम हो गए। जंगल में काफी खोजबीन के दौरान दूर्गा झा का कहीं पता नहीं चला। कुछ दिन बाद निराश माता- पिता को एक रात देवी दुर्गा ने सपने में आयी और कहा कि मेरी पूजा अर्चना करो बच्चा मेरे पास सुरक्षित है। माता-पिता ने मिली सपनों के अनुसार देवी दुर्गा को फूल अक्षत अर्पित कर पूजा-अर्चना...