बोकारो, अक्टूबर 25 -- Bokaro News: सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को मुफ्त प्रसव और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बावजूद उन्हें निजी अस्पतालों में भेजे जाने की शिकायतें गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। जैनामोड़ रेफरल अस्पताल में शुक्रवार को सामने आया मामला इसी व्यवस्था की पोल खोल दी है। बालीडीह निवासी 30 वर्षीय बबीता कुमारी प्रसव पीड़ा में अस्पताल पहुंचीं, लेकिन परिजनों को कथित तौर पर भय दिखाकर भर्ती नहीं होने देने की बात सामने आई। जिसके बाद अस्पताल से करीब 200 मीटर दूर महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों के आसपास सक्रिय बिचौलियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मुफ्त प्रसव की सुविधा, फिर निजी अस्पताल का रास्ता क्यों?

मुफ्त प्रसव के बावजूद निजी अस्पताल भेजने का आरोप सरकारी सदर...