बोकारो, अगस्त 10 -- Bokaro News: बोकारो प्रतिनिधि। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित बोकारो आदिवासी महोत्सव में आदिवासी दर्शन, प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व व जल, जंगल व जमीन संरक्षण विषय पर परिचर्चा हुई। संचालन अपर समाहर्ता सुनील चन्द्र व वन प्रमंडल पदाधिकारी संदीप शिंदे ने किया। परिचर्चा में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रांची के प्रो. रामचंद्र उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज का जीवन सदियों से प्रकृति पर आधारित रहा है। रहन-सहन, संस्कृति, परंपराएं व जीवनशैली जल, जंगल व जमीन से गहराई से जुड़ी हैं। प्रकृति का संरक्षण आदिवासी जीवन-दर्शन का अभिन्न हिस्सा है। सेवानिवृत्त आईएएस व लेखक रणेंद्र कुमार ने कहा कि आदिवासी दर्शन प्रकृति के साथ संतुलित व सह-अस्तित्वपूर्ण जीवन की अवधारणा पर आधारित है। यह भी पढ़ें- बोकारो आदिवासी महोत्सव का रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्...