नई दिल्ली, मई 29 -- मई का आखिरी दिन आसमान में एक खास नजारा लेकर आएगा। 31 मई 2026 को ब्लू मून दिखाई देगा। इस खगोलीय घटना को लेकर दुनियाभर में चर्चा हो रही है। कई लोग इसे दुर्लभ मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे आध्यात्मिक रूप से भी खास बताते हैं। हालांकि, ब्लू मून का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि चांद नीले रंग का दिखाई देगा।क्या होता है ब्लू मून? ब्लू मून एक खगोलीय घटना है। आमतौर पर इसका संबंध अतिरिक्त पूर्णिमा से माना जाता है। यही वजह है कि यह रोज-रोज देखने को नहीं मिलता। कई सालों के अंतराल पर ब्लू मून देखने का मौका मिलता है। इसकी दुर्लभता ही इसे खास बनाती है। ब्लू मून के दौरान चांद सामान्य पूर्णिमा की तरह ही चमकदार नजर आता है। नाम में "ब्लू" शब्द होने के बावजूद इसका रंग नीला नहीं होता। यह सिर्फ एक खगोलीय नाम है।आध्यात्मिक मान्यताओं में क्यों है ख...