नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनाने के लिए चुनाव हो रहे हैं। चुनावी दंगल में इस बार मुकाबला पार्टियों के बीच कम और इन राज्यों के कद्दावर मुख्यमंत्रियों के व्यक्तित्व के बीच अधिक हो गया है। इन चारों राज्यों में मुख्यमंत्री अपनी पार्टियों से भी बड़े 'ब्रांड' बनकर उभरे हैं, जहां वोट विचारधारा के बजाय सीधे चेहरे के नाम पर मांगे जा रहे हैं।बंगाल की 'फाइटर' के लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह अब तक की सबसे कठिन लड़ाई मानी जा रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि यह मुकाबला 'ममता बनाम चुनाव आयोग' (EC) बन चुका है। आपको बता दें कि एसआईआर के बाद बंगाल में अब तक मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटा दिए गए हैं। यदि ममता इस बार भी भाजपा के विजय रथ...
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