नई दिल्ली, मई 24 -- Bengal BJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सामने एक नई सियासी चुनौती आ खड़ी हुई है। संकट इस बात का है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर भाजपा में आने को बेताब नेताओं को पार्टी में शामिल किया जाए या उन्हें अधर में छोड़ दिया जाए। भाजपा के लिए यह राह बेहद जोखिम भरी है। यदि पार्टी तृणमूल के दलबदलुओं के लिए अपने दरवाजे खोलती है, तो उन जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल सकती है जिन्होंने दशकों तक ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ खून-पसीना बहाया है। दूसरी तरफ, यदि भाजपा इन्हें ठुकराती है तो वह राज्य की राजनीति और सार्वजनिक विमर्श पर तृणमूल के बचे-खुचे प्रभाव को पूरी तरह खत्म करने और अपना वर्चस्व मजबूत करने का एक बड़ा मौका गंवा सकती है। दलबदलुओ...