बिजनौर, अक्टूबर 26 -- Bijnor News: कभी सांप्रदायिक आग में झुलसे बिजनौर के पेदा गांव के मशरूर और उसकी पत्नी आसमा ने मिथिलेश वर्मा और उनके बीमार बेटे प्रमोद वर्मा के जमानती बनकर हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है। गांव के मुस्लिम दंपति ने हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बनकर सर्वधर्म सम्भाव की राह पर चलकर आपसी प्रेम और सौहार्द्र का पैगाम दिया है। गांव पेदा की मिथिलेश और उनके पुत्र के ऊपर दहेज को लेकर मामला दर्थाज था। बिजनौर न्यायालय ने उस केस में दोनों को जमानत पर छोड़े जाने का आदेश दिया लेकिन पारिवारिक स्थिति के चलते कोई जमानती नहीं मिल पा रहा था। यह सुनकर गांव के ही मशरूर ने उसकी जमानत लेना स्वीकार किया और अपनी पत्नी को भी मिथिलेश की जमानत के लिए तैयार किया। जमानती मिलने के बाद जेल से बाहर आई मिथिलेश ने मशरूर और उसकी पत्नी को दुआएं देते हु...