बिजनौर, जुलाई 21 -- Bijnor News: गांव पैजनियां स्थित बड़े शिव मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन कथा व्यास सिद्धिविनायक आश्रम के शिवानंद भारद्वाज ने श्री शुकदेव जी और राजा परीक्षित के जीवन प्रसंगों का वर्णन करते हुए भक्ति, वैराग्य और मोक्ष का महत्व बताया। कथा वाचक शिवानंद भारद्वाज ने वर्णन किया कि महर्षि वेदव्यास के पुत्र श्री शुकदेव जी जन्म से ही ब्रह्मज्ञानी थे। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाकर मोक्ष का मार्ग बताया, इसलिए उन्हें भागवत का प्रथम वक्ता माना जाता है। कथा के दौरान राजा परीक्षित के जन्म तथा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गर्भ में उनकी रक्षा किए जाने का प्रसंग भी सुनाया गया।श्रीमद्भागवत यह भी पढ़ें- Jahanabad News: भगवान पर विश्वास रखने वाले भक्त का स्वयं भगवान...